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अखिलेश, स्‍टालिन, अभिषेक भी वंशवादी, मेरे पीछे नहीं पड़ें : राहुल गांधी

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अखिलेश, स्‍टालिन, अभिषेक भी वंशवादी, मेरे पीछे नहीं पड़ें : राहुल गांधी

वॉशिंगटन : कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि भारत में राजनीति से लेकर कारोबार तक वंशवाद एक आम चीज है और खानदान से ज्यादा अहम किसी शख्स की काबिलियत होती है। अमेरिका में दिए गए राहुल गांधी के इस बयान ने भारत में विवाद पैदा कर दिया है। भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल को एक ‘नाकाम वंशज’ और ‘नाकाम राजनेता’ करार दिया। छात्रों के एक सवाल का जवाब देते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि पार्टी बड़ी जिम्मेदारी स्वीकार करने को कहती है तो वह इसके लिए पूरी तरह ‘तैयार’ हैं।

मेरे पीछे नहीं पड़ें
एक अन्य सवाल के जवाब में राहुल ने भारत में वंशवाद के मुद्दे पर कहा, ‘भारत में ज्यादातर पार्टियों के साथ यह समस्या है…. अखिलेश यादव भी वंशवादी हैं। (द्रमुक में एम करुणानिधि के बेटे) स्टालिन भी वंशवादी हैं। भाजपा के (प्रेम कुमार) धूमल के बेटे भी वंशवादी हैं। यहां तक कि अभिषेक बच्चन भी वंशवादी हैं। भारत ऐसे ही चलता है। तो मेरे पीछे नहीं पड़ें, क्योंकि भारत में ऐसे ही चलता है।

राहुल ने कहा, ‘अंबानी परिवार व्यापार चला रहा है। इंफोसिस में भी ऐसा चल रहा है। तो भारत में ऐसा होता है।’ हालांकि, राहुल ने यह भी कहा कि कांग्रेस में बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जो किसी वंशवादी परिवार से नहीं हैं।’ उन्होंने कहा, ‘और मैं हर राज्य में ऐसे नेताओं के नाम ले सकता हूं। ऐसे लोग भी हैं जिनके पिता, दादी मां या परदादा राजनीति में थे।’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘असल सवाल है कि क्या व्यक्ति में वाकई काबिलियत है और क्या वह संवेदनशील है।’

पीएम पर साधा निशाना
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले में अपने संबोधन में राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन पर बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि मोदी जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के लिए जगह पैदा कर रहे हैं और अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर रहे हैं।

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पाकिस्‍तान को तिलमिलाने के लिए भारत ने दिया एक और मौका

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पाकिस्‍तान को तिलमिलाने के लिए भारत ने दिया एक और मौका

सुषमा स्‍वराज के करारा प्रहार के बाद भारत से मिला एक और करारा जवाब

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के मुद्दे पर भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के करारा प्रहार के बाद पाकिस्तान तिलमिला गया। उसने जवाब देने के लिए झूठ का सहारा लिया और यूएन में कश्मीर में कथित ज्यादतियों का दावा करते हुए एक फर्जी तस्वीर दिखा दी थी।

अब भारत ने पाकिस्तान के इस फर्जीवाड़े का यूएन में जवाब देने के लिए राइट टु रिप्लाई का सहारा लेते हुए पलटवार किया है। संयुक्त राष्ट्र में भारतीय अधिकारी पौलुमी त्रिपाठी ने सोमवार को जवाब देते हुए कहा कि यूएन में पाकिस्तानी प्रतिनिधि मलीहा लोधी द्वारा दिया गया बयान वैश्विक आतंकवाद से ध्यान भटकाने की कोशिश है।

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि मलीहा ने हाथ में जो फोटो ले रखी थी उसका भारत से दूर-दूर तक कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि यह फोटो फलस्तीन की राव्या अबु जोम की है। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ फर्जी फोटो दिखाकर संयुक्त राष्ट्र महासभा को धोखा दिया है।

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा, ‘हम आपको पाकिस्तान की दुष्ट हरकतों की असली तस्वीर दिखाते हैं। यह शहीद ले. उमर फयाज की असली तस्वीर है। वह जम्मू-कश्मीर के एक युवा अधिकारी थे। उनकी पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा क्रूरतापूर्वक हत्या कर दी गई थी। यही असलियत है।’

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सुषमा स्‍वराज से यूएन में हुई फजीहत का ऐसे बदला लेगा पाकिस्‍तान

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सुषमा स्‍वराज से यूएन में हुई फजीहत का ऐसे बदला लेगा पाकिस्‍तान

कराची। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए दमदार भाषण में हुई अपनी फजीहत झेलने के बाद अब पाकिस्तान बौखला गया है। आतंकवाद को बढ़ावा देने को लेकर अपनी पोल खुलने के बाद पाक बदला लेने के लिए संयुक्त राष्ट्र में भारत को आतंकवाद को समर्थन देनेवाला देश घोषित करवाने के लिए लॉबीइंग कर रहा है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक इस्लामाबाद संयुक्त राष्ट्र में सीमा पर हो रहे संघर्ष विराम उल्लंघन के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की जुगत में है।

Read More : पाकिस्तान ने यूएन में फिर उठाया कश्मीर मुद्दा, सुषमा स्वराज ने दिया ऐसा जवाब

पाकिस्तान के ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ में छपी खबर के मुताबिक इस संबंध में पाक प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी की मंजूरी के बाद संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी स्थायी सदस्यों से संपर्क किया जा रहा है। पाकिस्तान खासतौर पर चीन और रूस को अपनी तरफ करने की कोशिश में है। खबर के मुताबिक चीन इस प्रस्ताव को समर्थन देने के लिए तैयार भी हो गया है। पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र को भी भरोसे में लेने की कोशिश कर रहा है।

खबर के मुताबिक न्यू यॉर्क में पाकिस्तानी पीएम अब्बासी और यूएस के उपराष्ट्रपति माइक पेंस की मुलाकात के दौरान एक सहमति बनी और अब अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल उच्च स्तरीय वार्ता के लिए अगले महीने पाकिस्तान जाएगा। इस दौरान पाकिस्तानी अधिकारी अपने अमेरिकी समकक्षों को लाइन ऑफ कंट्रोल पर हो रही फायरिंग को लेकर भारत पर कूटनीतिक दबाव बनाने के लिए तैयार कर सकते हैं। पाकिस्तानी मीडिया की खबरों के मुताबिक भारत की ओर से हुई फायरिंग में इस हफ्ते उसके 7 नागरिकों की मौत हुई है।

बता दें कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में पाकिस्तान पर तगड़ा वार किया था। उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की तरफ से भारत पर लगाए गए आरोपों का न सिर्फ करारा जवाब दिया बल्कि आतंकवाद को लेकर पड़ोसी देश को लताड़ भी लगाई। सुषमा ने कहा कि भारत और पाकिस्तान एक साथ आजाद हुए लेकिन आज भारत डॉक्टर और वैज्ञानिक पैदा कर रहा है तो पाकिस्तान आतंकवादी और जिहादी पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे संस्थान बनाए तो पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन पैदा किए।

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उत्तर कोरिया, वेनेजुएला समेत आठ देशों के अमेरिका यात्रा पर रोक, ट्रंप ने जारी की नई लिस्‍ट

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उत्तर कोरिया, वेनेजुएला समेत आठ देशों के अमेरिका यात्रा पर रोक, ट्रंप ने जारी की नई लिस्‍ट

वॉशिंगटनराष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिका में यात्रा करने पर रोक लगाने वाली एक नई सूची जारी की है जिसमें उत्तर कोरिया, वेनेजुएला और चाड सहित आठ देशों को शामिल किया गया है। इन देशों के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगाने के लिए खराब सुरक्षा जांच और अमेरिकी अधिकारियों के साथ समुचित सहयोग न करने का हवाला दिया गया है। ट्रंप ने रविवार को नए प्रतिबंध जारी किए हैं।

यात्रा प्रतिबंध के पहले आदेश ने उन्हें राजनीतिक और कानूनी पचड़े में फंसा दिया था। आलोचकों ने आरोप लगाया था कि जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद से ही ट्रंप देश में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की कोशिश में है। ट्रंप ने एक ट्वीट किया कि अमेरिका को सुरक्षित बनाना उनकी पहली प्राथमिकता है। हम उन लोगों को अपने देश में घुसने नहीं देंगे जिनकी हम ठीक तरीके से सुरक्षा जांच नहीं कर सकते हैं। सूडान मुस्लिम बहुल उन छह देशों में से एक था जिन पर पहले प्रतिबंध लगाया था। हालांकि अब नई सूची में सूडान का नाम हटा लिया गया है। अमेरिका की यात्रा पर करने की लगी नई रोक वाली सूची में अब 8 देश हैं जिनपर पूर्ण या आंशिक रोक है।

उत्तर कोरिया और चाड के नागरिकों पर पूर्ण रोक है जबकि वेनेजुएला के सरकारी अधिकारियों और उनके परिवारों पर ही यात्रा रोक लगाई गई है। अन्य देशों में ईरान, लीबिया, सोमालिया, सीरिया और यमन शामिल हैं। आदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि देशों पर उनके नागरिकों की पहचान करने की प्रक्रिया में सुधार करने और अमेरिका के साथ जानकारी साझा करने के लिए दवाब बनाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि यह सूची विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद की रोकथाम के लक्ष्यों के लिए बनाई गई है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम है और शर्त आधारित हैं न कि समय आधारित है। उन्होंने कहा कि अगर कोई देश अमेरिका की यात्रा जांच के मानकों को पूरा करता है तो उसका नाम सूची से हटाया जा सकता है।

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