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देश के हाई प्रोफाइल मोस्‍ट वांटेड ढोंगी बाबा, इनके खिलाफ दर्ज हैं कई संगीन मामले

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देश के हाई प्रोफाइल मोस्‍ट वांटेड ढोंगी बाबा, इनके खिलाफ दर्ज हैं कई संगीन मामले
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने 14 नकली बाबाओं की लिस्ट जारी की है। इसमें आसाराम उर्फ आशुमल शिरमानी, सुखविंदर कौर उर्फ राधे मां, सचिदानंद गिरी उर्फ सचिन दत्ता, गुरमीत राम रहीम डेरा सच्चा सिरसा, ओम बाबा उर्फ विवेकानंद झा, निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह, इच्छाधारी भीमानंद उर्फ शिवमूर्ति द्विवेदी, स्वामी असीमानंद, ऊं नम: शिवाय बाबा, नारायण साईं, रामपाल, खुशी मुनि, बृहस्पति गिरि और मलकान गिरि समेत कुल 14 नाम शामिल हैं। इनमें से किसी पर मर्डर का आरोप है, तो कोई रेप का दोषी है। लेकिन ये अपने श्रद्धालुओं के बीच काफी प्रसिद्ध रहे हैं। फिर चाहे वो गुरमीत राम रहीम हों या आसाराम।

14 नकली बाबाओं की लिस्ट

आसाराम: आसाराम ने अपने धर्म की दुकान गुजरात के अहमदाबाद से शुरू की। धर्म का सहारा लेकर इन्होंने अरबों का साम्राज्य खड़ा किया है। साल 2013 से ये नाबालिग शिष्या से रेप के आरोप में जेल में बंद हैं।

इनपर आरोप है कि ये आशीर्वाद देने के नाम पर नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण और बलात्कार करते थे। हालांकि अब तक इनपर आरोप सिद्ध नहीं हो पाया है।

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हनीप्रीत और राम रहीम से वर्ल्‍ड टॉयलेट डे पर यूएन ने मांगा सहयोग

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नई दिल्ली। 19 नवंबर को वर्ल्‍ड टॉयलेट डे है। भारत में इस आयोजन की सफलता के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र ने राम रहीम और हनीप्रीत से सहयोग मांगा है। इसके लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र ने राम रहीम और हनीप्र‍ीत को एक ट्विट किया है। अपने ट्विट में संयुक्‍त राष्‍ट्र ने राम रहीम और हनीप्रीत से आग्रह किया है कि हमें आशा है कि आप वर्ल्‍ड टॉयलेट डे के समर्थन में आवाज उठायेंगे। ट्विट में कहा गया है कि दुनिया की 60 फीसदी आबादी को घर में शौचालय की सुविधा मुहैया नहीं हैजो कि चिंता की बात है।

आपको बता दें कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम पर दो साध्वियों से रेप का मामला साबित होने के बाद उसे 20साल की सजा सुनाई गई है और वह रोहतक जेल में बंद है। वहीं उसकी मुंहबोली बेटी हनीप्रीत पर हिंसा फैलाने और देशद्रोह के आरोप हैं। 38 दिन फरारी काटने के बाद मंगलवार को उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बीते एक महीने से ज्यादा से मीडिया में ये मामला चर्चा में है।

ऐसे में इस ट्वीट के बाद इस पर लोग जो प्रतिक्रिया दे रहे हैंनो भी काफी मजेदार हैं। कांग्रेस की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस पर ट्वीट किया कि क्या यूएन वाटर का अकाउंट हरियाणा सरकार चला रही है।

रॉफल यादव ने इस पर ट्वीट किया पापा जी को छोड़ दोयूएन वाले भी स्पोर्ट कर रहे हैं अब तो।

कृष्णा माली ने इस पर ट्वीट किया है कि यूएन का वाटर डिपार्टमेंट गुरमीत का असली भक्त है।

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जन रक्षा यात्रा कन्‍नूर में योगी आदित्‍यनाथ, निशाने पर केरल की लेफ्ट सरकार

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जन रक्षा यात्रा कन्‍नूर में योगी आदित्‍यनाथ, निशाने पर केरल की लेफ्ट सरकार

कन्‍नूर(केरल)। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) केरल में निकाली जा रही अपनी ‘जन रक्षा’ यात्रा को और मजबूती देने के लिए अमित शाह के चहेते और उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ कन्‍नूर में हैं। योगी यहां 10 किलोमीटर पदयात्रा में भाग ले रहे हैं। केरल में बीजेपी-आरएसएस कार्यकर्ताओं की हुई हत्या को लेकर बीजेपी केरल की लेफ्ट सरकार को घेरने में जुटी हुई है।

हत्या के विरोध में कन्नूर से अमित शाह ने 15 दिन की जनरक्षा यात्रा की शुरुआत की है। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को पदयात्रा निकाली और केरल की लेफ्ट सरकार को ललकारा।
योगी भाजपा के इकलौते ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिनको केरल में रैली के लिए बुलाया गया है। इसकी वजह योगी की छवि मानी जा रही है। यात्रा के लिए बीजेपी ने ‘जिहादी-लाल आतंक के खिलाफ सबको खड़ा होना चाहिए’ का नारा दिया है। माना जा रहा है कि इससे बीजेपी अपना हिंदू वोट बैंक मजबूत करना चाहती है।

भाजपा की जन रक्षा यात्रा वामपंथियों की बढ़ती हिंसक घटनाओं के खिलाफ है। मंगलवार को कन्नूर में शाह ने रैली की थी। रैली को संबोधित करते हुए शाह ने राज्य के सीएम पिनराई विजयन पर निशाना साधा था।

शाह ने कहा था कि केरल में अबतक भाजपा और आरएसएस के 120 से ज्यादा कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं जिसके लिए सीधे तौर पर सीएम विजयन जिम्मेदार हैं। शाह ने केरल पहुंचकर सबसे पहले कन्नूर स्थित शिव मंदिर और राजा राजेश्वर मंदिर के दर्शन किए थे।

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डार्क नेट क्‍या है जहां ऑनलाइन बेची है रही हैं 6000 भारतीय कंपनियों की डाटा

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डार्क नेट क्‍या है जहां ऑनलाइन बेची है रही हैं 6000 भारतीय कंपनियों की डाटा

इंटरनेट की अंधेरी दुनिया डार्क नेट पर 6 हजार से ज्यादा भारतीय कारोबारियों का डेटा बिक रहा है। हैकर्स इस सीक्रेट डेटा के लिए 15 बिटक्वॉइन की फिरौती मांग रहे हैं।

आइए जानते हैं क्‍या है डार्क नेट की दुनिया

साइबर मामलों के जानकार डार्क नेट के बारे में बताते हैं कि  ”औसतन सिर्फ़ दिल्ली में ही एक महीने में 40 हज़ार के करीब साइबर अपराधों को अंजाम दिया जाता है। वास्तव में साइबर क्राइम की एक बहुत बड़ी दुनिया है। एक काला साम्राज्य है। इस काली साइबर दुनिया को डार्कनेट भी कहते हैं।”

डार्क नेट में साइबर हैकर्स क्‍यों करते हैं टॉर ब्राउज़र का इस्‍तेमाल

साइबर मामलों के जानकार पवन दुग्गल बताते हैं कि “डार्क नेट पर एक ख़ास ब्राउज़र के साथ ही काम किया जा सकता है। डार्क नेट पर काम करने के लिए ‘टॉर ब्राउज़र का इस्तेमाल किया जाता है। इस ब्राउज़र पर काम करने से एक साइबर अपराधी लोगों की नज़रों से छिपा रहता है। किसी को भी उसकी पहचान नहीं होती है। डॉर्कनेट पर वो किसी भी तरह के साइबर क्राइम को अंजाम देकर आराम से बच सकता है।’’

डार्क नेट की दुनिया के हैकर्स के लिए कड़ा है कानून और सजा का प्रावधान

आईटी अधिनियम के तहत दर्ज किए गए सबसे अधिक मामले 5548 कंप्यूटर संबंधित अपराध हैं, इनमें से 4192 मामले धारा 66-ए के तहत थे जिसके अनुसार संचार सेवा के माध्यम से आक्रामक संदेश भेजने के आरोप में दो-तीन साल तक की जेल की सजा दी जाती है। आईटी अधिनियम की धारा 66-ए को मार्च 2015 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा ये कहते हुए हटाया गया था कि इस तरह के एक कानून लोकतंत्र की दो प्रमुख स्तंभों स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को जड़ से मारता है।

हैकर्स ऐसे देते हैं साइबर क्राइम को अंजाम, रहिये सतर्क

क्रिमिनल साइकोलॉजिस्ट अनुजा कपूर कहती हैं, ”साइबर अपराधों के बढ़ने के पीछे की सबसे बड़ी वजह है साइबर अपराधियों के बारे में पता ना चल पाना है। एक साइबर अपराधी अच्छे तरीके से जानता है कि उसकी पहचान भी नहीं हो पाएगी और वो अपराध को बेहद आसानी से अंजाम दे पाएगा। इसके पीछे एक मनोवैज्ञानिक वजह भी है।”

”लोग सोशल साइट्स या इंटरनेट पर किसी को परेशान तभी करते हैं जब वो अपना बदला भी लेना चाहते हैं और अपनी पहचान भी छुपाना चाहते हैं। ट्विटर या फेसबुक पर जो लोग गालियां और गलत तरीके की चीज़ें लिखते हैं वो एक तरह की मानसिक विकृति का शिकार होते हैं।’’ अनुजा कपूर बताती हैं, ‘’बढ़ते साइबर अपराध के पीछे की एक बड़ी वजह बेरोज़गारी, मानसिक विकृति और गरीबी भी है। जो इसके शिकार लोगों को साइबर अपराध करने के लिए मजबूर करता है।”

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