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ब्रिक्‍स सम्मेलन के बाद भारत-चीन के रिश्‍तों से बौखलाया पाकिस्‍तान

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ब्रिक्‍स सम्मेलन के बाद भारत-चीन के रिश्‍तों से बौखलाया पाकिस्‍तान

9वां ब्रिक्स  शिखर सम्मेलन खत्म हो चुका है। चीन के श्यामन में आयोजित हुए इस सम्मेलन से भारत को कूटनीतिक तौर पर बड़ी सफलता मिलती नजर आ रही है।

ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी ने जोरदार ढंग से आतंकवाद का मुद्दा उठाया, बाकी देशों ने भी भारत का पुरजोर समर्थन किया। नतीजा ये निकला कि BRICS के घोषणापत्र में पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद समेत तालिबान, अलकायदा जैसे आतंकी संगठनों का जिक्र हुआ।

बीजिंग में ब्रिक्स देशों का 9वां सम्मेलन सदस्य देश नहीं होने के बावजदू पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका साबित हुआ है। वहीं भारत के लिए यह ‘दोहरी कूटनीतिक’ सफलता का मंच बनकर उभरा है।

वैश्विक और क्षेत्रीय मंचों पर पाकिस्तान के साथ मजबूती से खड़ा रहने वाले चीन ने ब्रिक्स सम्मेलन के घोषणापत्र में आतंकवाद को बढ़ावा देने के मामले में पाकिस्तान की भूमिका पर एक तरह से मुहर लगा दी है।

भारत, रूस, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका की सदस्यता वाले ब्रिक्स समूह ने पहली बार अपने घोषणापत्र में भारत के खिलाफ काम करने वाले पाकिस्तानी आतंकी समूहों लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद को वैश्विक आतंकी समूह के तौर पर चिह्नित किया है।

दोनों ही संगठन भारत के खिलाफ कई आतंकी हमलों में शामिल रहे हैं। लश्कर-ए-तैयबा जहां मुंबई हमले के पीछे शामिल रहा है वहीं पठानकोट हमले में जैश-ए-मोहम्मद की भूमिका रही है।

ब्रिक्स घोषणापत्र में जैश-ए-मोहम्मद को आतंकी संगठन के तौर पर शामिल किए जाने के बाद चीन के लिए संयुक्त राष्ट्र में भारत के उस प्रस्ताव को बचाव करना अब मुश्किल होगा, जिसमें वह मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित करने की मांग करता रहा है।

चीन-पाकिस्तान रिश्तों में बढ़ेगा तनाव

माना जा रहा है कि चीन की इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान के साथ उसके कूटनीतिक रिश्तों में तनाव आ सकता है, जिसका असर दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को प्रभावित करेगा।

चीन पाकिस्तान के बलोचिस्तान में 45 अरब डॉलर की लागत से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) का निर्माण कर रहा है, जो यूरोप-एशिया और अफ्रीका को जोड़ने वाली चीन की महत्वाकांक्षी ‘वन बेल्ट वन रोड’ परियोजना का हिस्सा रहा है।

‘वन बेल्ट वन रोड’ में सीपीईसी की अहम भूमिका है, और इसके लिए चीन बुरी तरह से पाकिस्तान पर निर्भर है। पाकिस्तान की नाराजगी चीन की इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर भारी पड़ सकती है।

पाकिस्तान में उग्र होंगे चरमपंथी संगठन

वहीं चीन का यह फैसला पाकिस्तान में चरमपंथी संगठनों को सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने का मौका दे सकता है। पाकिस्तान के लिए इस दबाव को झेलना मुश्किल होगा।

पाकिस्तान में एक तरह से इसकी शुरुआत भी हो चुकी है। ब्रिक्स सम्मेलन के घोषणापत्र में लश्कर और जैश को शामिल किए जाने के बाद लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन जमात-उद-दावा के प्रमुख अब्दुल रहमान मक्की ने जहां भारत के खिलाफ जेहाद की खुलेआम धमकी दी है, वहीं पाकिस्तान की सरकार को मुजाहिदीनों के रास्ते में नहीं आने की चेतावनी।

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सुषमा स्‍वराज से यूएन में हुई फजीहत का ऐसे बदला लेगा पाकिस्‍तान

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सुषमा स्‍वराज से यूएन में हुई फजीहत का ऐसे बदला लेगा पाकिस्‍तान

कराची। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए दमदार भाषण में हुई अपनी फजीहत झेलने के बाद अब पाकिस्तान बौखला गया है। आतंकवाद को बढ़ावा देने को लेकर अपनी पोल खुलने के बाद पाक बदला लेने के लिए संयुक्त राष्ट्र में भारत को आतंकवाद को समर्थन देनेवाला देश घोषित करवाने के लिए लॉबीइंग कर रहा है। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक इस्लामाबाद संयुक्त राष्ट्र में सीमा पर हो रहे संघर्ष विराम उल्लंघन के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने की जुगत में है।

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पाकिस्तान के ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ में छपी खबर के मुताबिक इस संबंध में पाक प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी की मंजूरी के बाद संयुक्त राष्ट्र में एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी स्थायी सदस्यों से संपर्क किया जा रहा है। पाकिस्तान खासतौर पर चीन और रूस को अपनी तरफ करने की कोशिश में है। खबर के मुताबिक चीन इस प्रस्ताव को समर्थन देने के लिए तैयार भी हो गया है। पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र को भी भरोसे में लेने की कोशिश कर रहा है।

खबर के मुताबिक न्यू यॉर्क में पाकिस्तानी पीएम अब्बासी और यूएस के उपराष्ट्रपति माइक पेंस की मुलाकात के दौरान एक सहमति बनी और अब अमेरिका का एक प्रतिनिधिमंडल उच्च स्तरीय वार्ता के लिए अगले महीने पाकिस्तान जाएगा। इस दौरान पाकिस्तानी अधिकारी अपने अमेरिकी समकक्षों को लाइन ऑफ कंट्रोल पर हो रही फायरिंग को लेकर भारत पर कूटनीतिक दबाव बनाने के लिए तैयार कर सकते हैं। पाकिस्तानी मीडिया की खबरों के मुताबिक भारत की ओर से हुई फायरिंग में इस हफ्ते उसके 7 नागरिकों की मौत हुई है।

बता दें कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन में पाकिस्तान पर तगड़ा वार किया था। उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री की तरफ से भारत पर लगाए गए आरोपों का न सिर्फ करारा जवाब दिया बल्कि आतंकवाद को लेकर पड़ोसी देश को लताड़ भी लगाई। सुषमा ने कहा कि भारत और पाकिस्तान एक साथ आजाद हुए लेकिन आज भारत डॉक्टर और वैज्ञानिक पैदा कर रहा है तो पाकिस्तान आतंकवादी और जिहादी पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने आईआईटी, आईआईएम, एम्स जैसे संस्थान बनाए तो पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठन पैदा किए।

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उत्तर कोरिया, वेनेजुएला समेत आठ देशों के अमेरिका यात्रा पर रोक, ट्रंप ने जारी की नई लिस्‍ट

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उत्तर कोरिया, वेनेजुएला समेत आठ देशों के अमेरिका यात्रा पर रोक, ट्रंप ने जारी की नई लिस्‍ट

वॉशिंगटनराष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिका में यात्रा करने पर रोक लगाने वाली एक नई सूची जारी की है जिसमें उत्तर कोरिया, वेनेजुएला और चाड सहित आठ देशों को शामिल किया गया है। इन देशों के नागरिकों पर यात्रा प्रतिबंध लगाने के लिए खराब सुरक्षा जांच और अमेरिकी अधिकारियों के साथ समुचित सहयोग न करने का हवाला दिया गया है। ट्रंप ने रविवार को नए प्रतिबंध जारी किए हैं।

यात्रा प्रतिबंध के पहले आदेश ने उन्हें राजनीतिक और कानूनी पचड़े में फंसा दिया था। आलोचकों ने आरोप लगाया था कि जनवरी में कार्यभार संभालने के बाद से ही ट्रंप देश में मुस्लिमों के प्रवेश पर रोक लगाने की कोशिश में है। ट्रंप ने एक ट्वीट किया कि अमेरिका को सुरक्षित बनाना उनकी पहली प्राथमिकता है। हम उन लोगों को अपने देश में घुसने नहीं देंगे जिनकी हम ठीक तरीके से सुरक्षा जांच नहीं कर सकते हैं। सूडान मुस्लिम बहुल उन छह देशों में से एक था जिन पर पहले प्रतिबंध लगाया था। हालांकि अब नई सूची में सूडान का नाम हटा लिया गया है। अमेरिका की यात्रा पर करने की लगी नई रोक वाली सूची में अब 8 देश हैं जिनपर पूर्ण या आंशिक रोक है।

उत्तर कोरिया और चाड के नागरिकों पर पूर्ण रोक है जबकि वेनेजुएला के सरकारी अधिकारियों और उनके परिवारों पर ही यात्रा रोक लगाई गई है। अन्य देशों में ईरान, लीबिया, सोमालिया, सीरिया और यमन शामिल हैं। आदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि देशों पर उनके नागरिकों की पहचान करने की प्रक्रिया में सुधार करने और अमेरिका के साथ जानकारी साझा करने के लिए दवाब बनाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि यह सूची विदेश नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद की रोकथाम के लक्ष्यों के लिए बनाई गई है। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम है और शर्त आधारित हैं न कि समय आधारित है। उन्होंने कहा कि अगर कोई देश अमेरिका की यात्रा जांच के मानकों को पूरा करता है तो उसका नाम सूची से हटाया जा सकता है।

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महिला टीचर पर 4 स्‍टूडेंट्स के साथ सेक्‍स करने का आरोप

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महिला टीचर पर 4 स्‍टूडेंट्स के साथ सेक्‍स करने का आरोप

दोषी साबित होने पर हो सकती है 40 साल की सजा

आरकन्सॉ। अमेरिका के आरकन्सॉ में एक महिला टीचर पर अपने 4 स्टूडेंट्स के साथ कथित तौर पर सेक्स करने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक महिला ने दो स्टूडेंट्स के साथ तो एक ही दिन अपने घर पर शारीरिक संबंध बनाए थे। पुलिस के हलफनामे के मुताबिक आर्ट टीचर जेसी लॉनेव गोलाइन पर जनवरी से अप्रैल 2016 के बीच अपने स्टूडेंट्स के साथ संबंध बनाने का आरोप है।

अभियोजन पक्ष ने बताया कि गोलाइन पर सिर्फ एक मामला दर्ज किया गया था जिसके मुताबिक उन्होंने एक 18 साल से कम उम्र के स्टूडेंट के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे। इस 25 वर्षीय टीचर के खिलाफ पैरंट्स की शिकायत के बाद जांच शुरू हुई। पैरंट्स का आरोप था कि मार्क्ड ट्री हाइ स्कूल में कई स्टूडेंट्स के साथ गोलाइन के यौन संबंध हैं। गोलाइन ने भी स्कूल प्रशासन के सामने 4 स्टूडेंट्स के साथ यौन संबंध होने की बात मान ली है।

स्कूल टीचर ने बताया कि एक स्टूडेंट ने उसे अपनी उम्र 18 साल बताई थी लेकिन उसे बाद में पता लगा कि वह 18 से कम उम्र का है। मार्क्ड ट्री स्कूल के 3 और ईस्ट पॉइनसेट स्कूल के एक स्टूडेंट ने यह बताया कि वे टीचर के साथ मेसेज में कामुक बातें करते थे। एक स्टूडेंट ने आरोप लगाया कि गोलाइन उसे अपने घर ले गई जहां उन्होंने सेक्स किया। इसके बाद गोलाइन ने ही उसे वापस घर तक छोड़ा। आर्ट टीचर ने कथित तौर पर एक अन्य स्टूडेंट को पैंटी में तस्वीर भेजी।

आरोप सामने आने के बाद गोलाइन को नौकरी से निकाल दिया गया है और स्कूल परिसर में घुसने से भी मना किया गया है। गोलाइन को आधिकारिक तौर पर 19 जून को ही काम से हटा दिया गया था। फिलहाल गोलाइन को 5 हजार डॉलर के बॉन्ड पर जमानत मिली है लेकिन अगर वह दोषी साबित हो जाती है तो गोलाइन को 40 साल की कैद हो सकती है।

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